Wednesday, January 28, 2009

बजरंगबली मंदिर में चल रहा आंगनबाड़ी केन्द्र

भागलपुर। भागलपुर जिले में आंगनबाड़ी केन्द्रों की हालत ठीक नहीं है। कई केन्द्रों पर 40 की जगह 12 बच्चे पाये गये हैं। अधिकांश केन्द्र निजी भवन में चल रहे हैं। रजंदीपुर में तो एक केन्द्र बजरंगबली मंदिर में संचालित है। सबौर के प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र में तीन माह से प्रसूति महिलाओं को प्रसव लाभ नहीं मिल रहा है।

शनिवार को दर्जन भर आंगनबाड़ी केन्द्रों का निरीक्षण करने के बाद बिहार विधान सभा की महिला व बाल विकास समिति की सभापति विधायक आशा देवी एवं सदस्य पूनम देवी यादव ने उक्त बातें कहीं। इस समिति में दिनारा की विधायक सीता सुन्दरी और दानापुर की विधायक आशा सिन्हा भी आयी थीं।

अध्यक्ष ने कहा कि यह समिति धरातल पर चल रही सरकारी योजनाओं की जांच में भागलपुर आयी है। समिति ने निरीक्षण के क्रम में सबौर और गोराडीह के कुछ केन्द्रों को देखा। इनमें मदन टोला, काली स्थान, रजंदीपुर, ममलखा, फरका, पासवान टोला, आनंदपुर, अगरपुर आदि में चल रहे केन्द्रों की प्रगति पर असंतोष जताया। अधिकांश केन्द्रों पर शिकायत सही पायी गयी। समिति ने माना कि केन्द्रों पर 10 से 20 प्रतिशत ही बच्चों की उपस्थिति थी। समिति अपने साथ बाबूपुर आंगनबाड़ी केन्द्र का रजिस्टर भी साथ लायी है। सदस्य पूनम देवी यादव ने कहा कि यह समिति आठ जनवरी तक भागलपुर, बांका और मुंगेर का दौरा करेगी।

इसके पूर्व समिति ने परिसदन में समीक्षा के क्रम में निर्देश दिया कि चिकित्सा, शिक्षा से जुड़ी योजनाओं को धरातल पर लाएं। प्रसूति लाभ पर सिविल सर्जन को रिपोर्ट देने का निर्देश दिया गया है। इस बीच, सिविल सर्जन डा. प्रतिमा मोदी ने समिति को आश्वासन दिया है कि राशि आ गयी है। रविवार से इसका लाभ मिलेगा। समिति रविवार को कस्तूरबा गांधी विद्यालयों का निरीक्षण करेगी। सभापति ने कहा कि निरीक्षण और समीक्षा रिपोर्ट को विधानसभा के पटल पर रखा जाएगा। बैठक में डीडीसी लक्ष्मी प्रसाद चौहान, डीडब्लयूओ रामलला सिंह, कार्यक्रम पदाधिकारी शोभा केशरी, डीईओ मधुसुदन पासवान तथा डीएसई अमेरिका प्रसाद आदि उपस्थित थे।

Source : in.jagran.yahoo.com

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