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Monday, August 27, 2007

संसद मे बिहार - दो

श्री राम कृपाल यादव (पटना) : माननीय अध्यक्ष महोदय, पूरे बिहार राज्य के अवाम की जो फीलिंग्स हैं, वह मैं आपके सामने रख रहा हूं और सरकार का ध्यान इस ओर आकृष्ट कर रहा हूं। लगातार कई वर्षों से सदन में और सदन के बाहर पटना विश्वविद्यालय, जो देश के प्राचीन विश्वविद्यालयों में से एक है, जिसकी अपनी एक अलग पहचान है, उसे केन्द्रीय विश्वविद्यालय का दर्जा देने की मांग होती रही है। कई माननीय सदस्यों सर्वश्री विजय कृष्ण जी, सीताराम सिंह जी, देवेन्द्र जी, आलोक मेहता जी तथा कई महत्वपूर्ण साथियों ने भी इस आवाज को इस सदन में उठाया है कि पटना विश्वविद्यालय को केन्द्रीय विश्वविद्यालय का दर्जा दें। माननीय प्रधान मंत्री जी ने इस बार 15 अगस्त के दिन यह आश्वासन भी दिया है कि हम और राज्यों के जो प्राचीन विश्वविद्यालय हैं, उन्हें केन्द्रीय विश्वविद्यालय का दर्जा देंगे। आपको जानकर आश्चर्य होगा कि बिहार में एक भी केन्द्रीय विश्वविद्यालय या केन्द्रीय स्तर पर शैक्षणिक संस्थाएं स्थापित नहीं की गई है। यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है। बिहार की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि रही है, बिहार का नालंदा विश्वविद्यालय दुनिया को शिक्षा देने का काम करता रहा है। ...(व्यवधान)
अध्यक्ष महोदय : राम कृपाल यादव को तो दिया है।
श्री राम कृपाल यादव (पटना) : लेकिन दुर्भाग्य है कि आज तक सरकार का ध्यान पटना विश्वविद्यालय की तरफ नहीं गया है। वहां लगातार एजिटेशन चल रही है, वहां के छात्र एजिटेटिड हैं। पटना विश्वविद्यालय के शिक्षक एजिटेटिड हैं। पूरे बिहार की यह मांग रही है कि पटना विश्वविद्यालय को केन्द्रीय विश्वविद्यालय बनाया जाए। वहां के लोग पलायन कर रहे हैं। देश को आजाद हुए साठ वर्ष बीत गये हैं, उसके बावजूद अभी तक पटना में केन्द्रीय विश्वविद्यालय की स्थापना नहीं हुई है। जबकि पटना विश्वविद्यायल हर शर्त को पूरा करने का काम करता है।
श्री विजय कृष्ण (बाढ़): सर, मैं अपने आपको इस मामले से सम्बद्ध करता हूं।
श्री आलोक कुमार मेहता (समस्तीपुर): सर, मैं भी अपने आपको इस मामले से सम्बद्ध करता हूं।
MR. SPEAKER: All hon. Members from Bihar will associate with it.
श्री राम कृपाल यादव (पटना) : मानव संसाधन मंत्री, श्री अर्जुन सिंह जी ने भी कहा है कि हम इस पर विचार करेंगे। लेकिन दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति है कि यह काम आज तक नहीं हुआ है। मैं इस मामले में आपके संरक्षण की मांग करता हूं। आप भी पटना विश्वविद्यालय के ऐतिहासिक महत्व को व्यक्तिगत रूप से जानते हैं। कई सब्जैक्ट में देश और दुनिया में इसका अपना एक अलग स्थान है। मैं आपके माध्यम से सरकार से मांग करता हूं कि पटना विश्वविद्यालय को केन्द्रीय विश्वविद्यालय का दर्जा दिया जाए। इसकी दुनिया में एक अलग पहचान है। ...(व्यवधान)
अध्यक्ष महोदय : आप रोज कोऑपरेट करते हैं, लेकिन हमारे साथ कोऑपरेट नहीं कर रहे हैं।
श्री राम कृपाल यादव (पटना) : अध्यक्ष महोदय, आप माननीय मंत्री जी को निर्देशित करें। हमारे बिहार के पूर्व मुख्य मंत्री और हमारे नेता श्री लालू जी यहां बैठे हैं। पटना विश्वविद्यालय के विषय में अनापत्ति प्रमाण पत्र भी दे दिया गया है। पटना विश्वविद्यालय की अपनी एक अलग पहचान बनी हुई है।
MR. SPEAKER: Nothing more is to be recorded. बंद कर दीजिए।
(Interruptions) … (Not recorded)
MR. SPEAKER: All hon. Members from Bihar will associate with it.
श्री राम कृपाल यादव (पटना) : सर, हम आपका संरक्षण चाहते हैं।
अध्यक्ष महोदय : आपको पूरा संरक्षण मिल गया।